फतेहपुर (गया)।गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत चरोखरी पंचायत स्थित सिमराटाड़ आंगनवाड़ी केंद्र (संख्या 41) में सेविका चयन की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। चयन प्रक्रिया में गलत मैपिंग और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चरोखरी निवासी मनोज कुमार ने जिलाधिकारी को शिकायती आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और बहाली प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, वार्ड संख्या 14 स्थित सिमराटाड़ केंद्र (कोड-41) के लिए विज्ञापन संख्या 1/2019 के तहत बहाली प्रक्रिया शुरू की गई थी। आरोप है कि वर्ष 2019 में तैयार की गई मैपिंग पंजी में जानबूझकर हेरफेर की गई। उस समय क्षेत्र में अनुसूचित जाति (SC) की वास्तविक बहुलता को दरकिनार कर पिछड़ा वर्ग (OBC) की बहुलता दिखा दी गई थी, ताकि विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाया जा सके।
नियमों की अनदेखी का आरोप
आवेदक मनोज कुमार का दावा है कि उन्होंने साक्ष्यों के साथ यह प्रमाणित किया है कि केंद्र क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी अधिक है। उनका कहना है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) द्वारा बिना किसी लिखित विभागीय आदेश के पुरानी मैपिंग पंजी (2019) को दरकिनार किया जा रहा है। आरोप है कि अब अधिकारी वर्तमान जनसंख्या (2026) के आंकड़े जोड़कर फिर से पिछड़ा वर्ग की बहुलता दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदक ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए कहा “जब यह बहाली प्रक्रिया 7 साल पुरानी है और इसमें 2016 की मतदाता सूची का आधार लिया गया था, तो अब वर्तमान जनसंख्या को आधार बनाना पूरी तरह गलत है। बहाली उसी समय के मान्य अभिलेखों और मैपिंग के आधार पर होनी चाहिए।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
मनोज कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका तर्क है कि यदि नई जनसंख्या को जोड़ा गया तो यह पुराने विज्ञापन और नियमों का उल्लंघन होगा, जिससे अनुसूचित जाति वर्ग के योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। फिलहाल, इस शिकायत के बाद इलाके में आंगनवाड़ी बहाली को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ग्रामीणों की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि क्या सात साल से लंबित इस बहाली को पुराने नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाता है या विवाद और लंबा खिंचता है।













