Wednesday, July 15

बोधगया|भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया ने हेल्थकेयर मैनेजमेंट शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से देश की अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता कंपनी फोर्टिस हेल्थकेयर के साथ एक रणनीतिक समझौता (एमओयू) किया है। यह साझेदारी न केवल छात्रों को उच्च गुणवत्ता की व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें समर इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और उद्योग से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ भी देगी।

एमओयू पर आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सहाय और फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. आशुतोष रघुवंशी ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर फोर्टिस हेल्थकेयर के सीएचआरओ श्री रंजन पांडे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एमबीए (हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर मैनेजमेंट – एचएचएम) के चेयरपर्सन डॉ. स्वप्नराग स्वैन ने इस त्रिस्तरीय सहयोग की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की।

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम, हेल्थकेयर सम्मेलन, राउंड टेबल चर्चाएं, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य छात्रों को अस्पताल प्रबंधन एवं हेल्थकेयर इंडस्ट्री की बारीकियों से अवगत कराना, नवाचार को बढ़ावा देना और उद्योग से जुड़े समसामयिक विषयों पर गहन संवाद को प्रोत्साहित करना है।

डॉ. सहाय ने इस पहल को “शिक्षा और उद्योग के बीच एक सेतु” बताते हुए कहा, “यह साझेदारी हमारे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने के साथ-साथ उन्हें हेल्थकेयर सेक्टर की वैश्विक मांगों के अनुरूप तैयार करेगी।”

आईआईएम बोधगया ने वर्ष 2023 में एमबीए (एचएचएम) कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य छात्रों को हेल्थकेयर इंडस्ट्री की व्यापक समझ प्रदान करना है। यह दो वर्षीय पूर्णकालिक पाठ्यक्रम सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य बीमा, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण, डिजिटल हेल्थ और हेल्थकेयर कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों के लिए भावी प्रबंधन पेशेवरों को तैयार करता है।

फोर्टिस हेल्थकेयर के सीईओ डॉ. रघुवंशी ने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि भविष्य के हेल्थकेयर लीडर्स को हम न केवल क्लासरूम में, बल्कि असली दुनिया के अनुभवों से भी लैस करें। इस साझेदारी से छात्रों को देश और विदेश में हमारे नेटवर्क के अस्पतालों में सीखने का सीधा मौका मिलेगा।”

आईआईएम बोधगया अपने विद्यार्थियों को सामाजिक रूप से जिम्मेदार और भावनात्मक रूप से परिपक्व नेतृत्व के लिए प्रशिक्षित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। संस्थान पारंपरिक शिक्षा पद्धति से आगे बढ़कर केस स्टडी, लाइव प्रोजेक्ट, और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ संवाद जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर ज़ोर देता है।

कम समय में एनआईआरएफ रैंकिंग में निरंतर सुधार और छात्रों की कॉर्पोरेट दुनिया में बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि आईआईएम बोधगया शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक योगदान—दोनों ही क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

यह साझेदारी हेल्थकेयर मैनेजमेंट के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और करियर के लिए एक नए युग की शुरुआत है, जिससे न केवल आईआईएम बोधगया के छात्र लाभान्वित होंगे, बल्कि भारत की हेल्थकेयर प्रणाली को भी योग्य प्रबंधन पेशेवर मिलेंगे।

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