Wednesday, July 15

पटना (बिहार हेडलाइन): झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर अब बिहार की राजधानी पटना भी साइबर अपराधियों का नया ठिकाना बनती जा रही है। पटना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राजधानी के कदमकुआं थाना क्षेत्र में किराए के मकान से संचालित हो रहे एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से छह शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो डिजिटल माध्यम से लोगों को चूना लगा रहे थे।

लोहानीपुर में गुप्त सूचना पर हुई बड़ी छापेमारी

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कदमकुआं थाना अंतर्गत लोहानीपुर काटपुल के पास एक निजी मकान में बैठकर अवैध सट्टेबाजी और साइबर ठगी का खेल चल रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की विशेष टीम ने मकान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान हरीश कुमार, छोटू कुमार, सुमित कुमार, अमरजीत कुमार, हरिओम और कुंदन कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। ये सभी आरोपी एक सुनियोजित तरीके से गिरोह चला रहे थे।

T20 वर्ल्ड कप और शेयर बाजार के नाम पर ठगी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह वर्तमान में चल रहे T20 वर्ल्ड कप मैचों को अपना हथियार बना रहा था। अपराधी मैचों में प्रत्येक गेंद पर रन, विकेट गिरने और जीत-हार पर दांव लगवाने (सट्टेबाजी) के नाम पर आम लोगों को झांसा देते थे। इसके अलावा, यह गिरोह लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच देकर भी अपनी ठगी का शिकार बनाता था।

लखनऊ से जुड़ा है गिरोह का मुख्य नेटवर्क

पकड़े गए अपराधियों से पूछताछ में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड और नेटवर्क उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से संचालित किया जा रहा था। पटना का यह गिरोह लखनऊ में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की पड़ताल कर रही है ताकि ठगी गई रकम का सही अंदाजा लगाया जा सके।

भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और दस्तावेज बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामानों में चार आधुनिक लैपटॉप, छह स्मार्टफोन, वाई-फाई राउटर के साथ-साथ भारी संख्या में दूसरे लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अपराधी फर्जी बैंक खाते खोलने और सिम कार्ड लेने के लिए करते थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें।

लखनऊ पुलिस के साथ मिलकर जांच में जुटी पटना पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने तत्काल लखनऊ पुलिस से संपर्क साधा है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है और पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि अब तक कितने लोगों से और कितने लाख की ठगी की जा चुकी है।


रिपोर्ट: क्राइम डेस्क, बिहार हेडलाइन


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