गयाजी। शहर के प्रतिष्ठित हंसराज पब्लिक स्कूल से जुड़े विवाद पर डायरेक्टर मनीष रुखियार ने चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं। रुखियार ने बताया कि राकेश कुमार सिंह के हिस्से के मकान में स्कूल की एक ब्रांच संचालित होती है। उस मकान का किराया 1 लाख 20 हजार रुपए तय है। इस वर्ष के मार्च महीने तक किराया बैंक के माध्यम से समय पर दिया गया।
उन्होंने कहा कि चूंकि वे आयकर विभाग में रिटर्न फाइल करते हैं, इसलिए अब किराया टीडीएस काट कर 1 लाख 8 हजार रुपए देना चाहते थे। लेकिन मकान मालिक इस पर राजी नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने लीगल नोटिस भेजा, जिसका जवाब रुखियार ने भेजते हुए कहा कि वे अब भी किराया देने को तैयार हैं, पर टीडीएस काटकर ही देंगे। रुखियार ने यह भी कहा कि संबंधित मकान विवादित है और बिहार सरकार के नाम दर्ज है। इसलिए वे चाहें तो किराया बिहार सरकार के खाते में टीडीएस काटकर जमा कर देंगे।
डायरेक्टर ने आरोप लगाया कि इसके बाद राकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर गलत आरोप लगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पिस्टल दिखाकर दबंगई करने व किराया न देने की बातें झूठी हैं। रुखियार ने कहा कि राकेश सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगती। वे खुद को बुजुर्ग बताते हैं जबकि उनकी उम्र महज 55 वर्ष है। और बुजुर्ग कह कर हमें ब्लैकमेल करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि राकेश सिंह अब उनकी निजी जिंदगी पर भी बेबुनियाद बातें कर रहे हैं, जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं। रुखियार ने स्पष्ट कहा कि अब मैं उनके खिलाफ मानहानि का केस करूंगा। जहां तक किराए की बात है, वह कोई मसला ही नहीं। जब चाहें लें, पर टीडीएस काटकर ही दूंगा दुसरी बात यह भी कि वह किराया कैश में चाहते हैं तो यह कभी नहीं हो सकता। मेरे पास ब्लैकमनी नहीं है कि मैं उन्हें कैश दूं।












