न्यूज डेस्क । विजयदशमी के दिन तमिलनाडु के पोरुर इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने अय्यप्पनथंगल स्थित सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित गुरु पूजा और विशेष शाखा प्रशिक्षण सत्र में शामिल 39 स्वयंसेवकों को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि यह आयोजन बिना प्रशासनिक अनुमति के किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि आरएसएस कार्यकर्ता संघ की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम कर रहे थे। हालांकि, इसके लिए शिक्षा विभाग अथवा जिला प्रशासन से पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई थी। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और बाद में उन्हें थाने ले जाया गया।
बीजेपी ने बताया आस्था पर चोट

इस कार्रवाई पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी नेता और पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि विजयदशमी जैसे शुभ दिन पर संघ कार्यकर्ताओं को पूजा करने से रोकना और गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक खास एजेंडे के तहत आरएसएस और उससे जुड़े लोगों को निशाना बना रही है।
सुंदरराजन ने यह भी कहा, “करीब 50-60 कार्यकर्ता शांतिपूर्वक पूजा कर रहे थे, तभी अचानक पुलिस ने कार्रवाई कर दी। वहीं दूसरी ओर राज्य में अपराधी और माफिया खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें पकड़ने की जगह शांतिप्रिय कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर रही है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की।
राज्य में बढ़ी राजनीतिक हलचल
आरएसएस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार द्वेषपूर्ण रवैया अपनाकर संघ और उससे जुड़े संगठनों को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं सत्ताधारी दल का कहना है कि किसी भी संस्था या संगठन को सरकारी स्कूल परिसर का इस्तेमाल बिना अनुमति नहीं करना चाहिए, भले ही आयोजन धार्मिक या सांस्कृतिक ही क्यों न हो।
फिलहाल, गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं से पुलिस पूछताछ कर रही है। मामला तूल पकड़ने के बाद अब यह देखना होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन आगे क्या रुख अपनाते हैं।













